Vineetchhajer

Dreamer in me.. Seeking Answers!! Believer in me.. Finding them!! :)

ऐ नादान परिंदे by Lalit Kundalia

on March 4, 2012

 

 

 

 

 

 

ऐ नादान परिंदे उड़ चला है तू
इस खुले आसमान में लेकर होसलों की उड़ान

ख्वाहिशों को पर लगा कर
मन में दृढ विश्वास के साथ

ना कोई हमसफ़र है और ना ही कोई यार
ऊँचाइयों पे उड़ते ही जाना है क्षितिज के उस पार

मंजिल को पाना हे लक्ष्य तेरा
तुझसे इनायत होगा नवनीत सवेरा

ज़िन्दगी लेगी इम्तिहान हजारों इस राह पे चलते हुए
बंदिशें भी होगी अनेक इस राह के दरमियाँ

पर संभल के चलना ऐ परिंदे
इस दुनिया में मिलेंगे अनेक दरिन्दे

सीख लेना करना अपनी ज़िन्दगी से मोहब्बत
फिर इंसान क्या, देवता भी करेगा तेरी इबादत…

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: